Friday, May 21, 2010







































पटना से तीस किलो मीटर कि दुरी पर मनेर एक क़स्बा है जहाँ पर सूफी संत मकदूम साह दौलत का मज़ार है जिनकी मृत्यु सन १६०८ के करीब हुई थी, उनके मज़ार कि जो इमारत बनी है वह मुग़ल कालीन के इमारत से पूरी तरह प्रभावित है यह इमारत इब्राहीम खान ने सन १६१८ में बनवाये थे उसकी कुछ तस्वीरे आपको दिखाना चाहता हूँ । चुनार के पत्थर से निर्मित यह खुबसूरत सा ईमारत आपको जरूर प्रभावित करेगा।




Wednesday, May 12, 2010

आवाज़

आज समय की यही पुकार है की लोग अपनी आवाज़ को बुलंद करे, क्यों कि आपकी आवाज़ को सुनने वाला कोई नहीं है, आपकी आवाज़ में इतनी शक्ति हो जैसे कि शेर कि आवाज़ में होती है तब कुछ बात बनेगी और सामने वाला भी आपकी बात को सुनेगा।

अजय केशरी