Friday, June 25, 2010

रंग बदलती राजनीत


इस फोटो ने भूचाल मचाया , राजनीती का हाल बताया।
राजनीत में सभी है बन्दर, बचकर रहना ऐ कलंदर।।

आज का राजनीत बड़ी तेजी से रंग बदलते जा रहे है। राजनिती में जिनकी छवि साफ सुथरी है अगर वो भी रंग बदलते है तो एक आम राजनीतिज्ञ में और खास राजनीतिज्ञ में क्या फर्क रह जाता है ? फर्क पड़ता है जनता पर , उसका विश्वाश टूटता है जो आम जनता कि उम्मीदे है वो टूटती है। जनता के दिलो-दिमाग में एक छवि जो बन जाती है वह खंडित होती है, क्या अच्छे राजनीतिज्ञ इन बातों को नहीं समझते है ? तो फिर ऐसी ओछी हरकत क्यों करते है ? क्या वोट कि राजनीत के किये हमारी कोई मर्यादा नहीं है ? भारत एक जनतांत्रिक देश है, जनता के द्वारा चुने हुए राजनेता अगर जनता के भला के लिए कार्य करते हैं तो उनको जनता दुबारा चुनाव में विजय श्री दिलाती है, डर तो उनको होता है जो पांच साल तक सत्ता में रहते है पर जनता के लिए कोई काम नहीं करते है और वो वोट कि राजनीत के लिए तिगरम करते है। हिन्दू या मुस्लिम हम सभी भारतीय है, इस देश में जितना हिन्दू का अधिकार है उतना ही मुस्लिम का भी अधिकार है तो फिर बार-बार यह जताने कि क्या जरुरत है कि मुस्लिम अल्पसंख्यक है और हिन्दू बहुसंख्यक है। हिन्दू और मुस्लिम सभी भारतीय है। उसको शांति और खुशहाली से मतलब है जिसकी भी सत्ता में शांति और खुशहाली मिलेगी उसे भारतीय जनता सर आँखों पर रखेगी। इसलिए ......
कृपया इस ओछी राजनीत को बंद किया जाय और एक साफ-सुथरी राजनीत कि शुरुआत किया जाय।
क्यों कि ................. यह पब्लिक है सब जानती है ।

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