Tuesday, August 23, 2011

पूरे भारत में कांग्रेस को मिले वोट

अन्ना के आन्दोलन से जुड़े अपार जन समूह को देखने के बाद भी हमारे मंत्री और सांसद आन्दोलन के विरोध में बोलने से चुक नहीं रहे है। शायद इसकी खामियाजा आने वाले वक्त में भुगतना पड़ेगा।
हमारे कानून मंत्री श्री सलमान खुर्शीद साहब ने अपनी टिप्पड़ी में यह कहे है कि "सरकार अन्ना के आन्दोलन से कत्तई चिंतित नहीं है, क्यों कि यह आन्दोलन पूरे देश का प्रतिनिधित्व नहीं करता है, एक या दो लाख लोगों कि आवाज़ और उनकी इच्छा महत्वपूर्ण है, लेकिन उनकी इच्छा से ही किसी मुद्दे का हल नहीं हो सकता है।
यानि कि भारत कि जनसंख्या के हिसाब से दो लाख लोंगो कि गिनती नगण्य है जैसा कि सलमान खुर्शीद साहब कह रहे है। अगर भारतीय जनसँख्या का आकलन हम करे तो २०११ में ,२१०,१९३,४२२ जनसँख्या है, अब कांग्रेस पार्टी कि वोट संख्या देख ले जो पिछले चुनाव में मिले है पूरे भारत से , वह १५३४८२३५६ है। यानि कि सवा अरब कि आबादी में कांग्रेस पार्टी को साढ़े पंद्रह करोड़ वोट ही मिले जिसका प्रतिशत 12.६८% होता है तो फिर कांग्रेस पार्टी को कैसे कहा जा सकता है कि वह पूरे देश का नेत्रित्व कर रही है। मै देश कि जनसँख्या और कांग्रेस को मिले वोट कि बात नहीं कर रहा हूँ मैंने केवल आईना दिखाया, कोई भी संख्या बड़ी या छोटी नहीं होती है उसकी मांग को देखिये वह सही है या गलत है
आज जनता अन्ना हजारे के आन्दोलन से जुडती जा रही है हर दिन इसकी संख्या बढती जा रही है यह आन्दोलन दिल्ली से निकल कर भारत के हर बड़े शहरों से होते हुए छोटे शहरों गावों और कस्बो तक पहुँच गई है और आप सांसदों और मंत्रियों को एक दो लाख आदमी ही नज़र रहा है यह एक या दो लाख आदमी नहीं है यह जनता कि आवाज़ है उसकी आवाज़ को पहचानिए और समय रहते उसके जायज मांगो को मान लीजिये कही ऐसा हो कि जनता ही आपको छोड़ दे फिर हाथ मलते रह जाना पड़ेगा समुंदरी तूफ़ान में वही नाविक अपने नाव को किनारे पर ला पाता है जो तूफ़ान कि रुख को पहचान लेता है वैसे बहुत से नाविक उसी तूफ़ान में डूब जाते है जो तूफ़ान के रुख को नहीं पहचान पाते है समय रहते जनता कि आवाज़ को पहचानिए
रही बात जनता कि क्या वह कोई गलत मांग कर रही है वह आपसे जन लोकपाल कानून बनाने कि बात कर रही है क्यों कि जनता तंग चुकी है महंगाई, रिश्वतखोरी, बड़े-बड़े घोटाले, मुनाफाखोरी आदि आदि से


No comments:

Post a Comment